ये जुल्फें तेरी जब हवा से रूबरू होती आँखों की नज़ाकत मेरी रूह को छूती बह जाता ये दरिया तेरी खामोशियाँ जब मेरी ख़ामोशियों से मिलती तेरा मेरा नाता है जैसे बारिश में, सुनहरी धूप की किरणें होती ये जुल्फें तेरी जब हवा से रूबरू होती आँखों की नज़ाकत मेरी रूह को छूती रूठना तेरा जैसे नाराज़गी में भी प्यार की इबादत होती छोड़ दिए आज मैंने ये गम सारे लबो पर तेरे खिलखिलाती जब एक हंसी देखी ये जुल्फें तेरी जब हवा से रूबरू होती आँखों की नज़ाकत मेरी रूह को छूती भूल जाता हूँ सारी दुनिया तेरी बातों से जब मेरे दिल की बातें होती मेरे प्यार से वाक़िफ़ नहीं तू शायद तेरे प्यार में भी वरना वो सच्चाई होती ये जुल्फें तेरी जब हवा से रूबरू होती आँखों की नज़ाकत मेरी रूह को छूती *****
खुद से पककर जब तू टूटेगा न दिशा न कोई तेरा मंज़र होगा ले जाएँगी हवाएं जिस धरा पे तुझे वही तेरा एक मात्र निशाँ होगा
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Hearty Thanks to You