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मोती मिले ना मिले सागर में, गोता निरंतर लगाते रहिये

मोती मिले ना मिले सागर में, गोता निरंतर लगाते रहिये
पथरीले हो जितने भी पथ चाहे, कदम आगे बढ़ाते रहिये
घड़ा भरता नहीं चंद लम्हो में, धीरज निरंतर बनाये रखिये
मुश्किलें हो जितनी भी चाहे,  हौसला बुलंद बनाएं रखिये
मोती मिले ना मिले सागर में, गोता निरंतर लगाते रहिये








































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